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Iron in My Bones — cover art

Song lyrics

Iron in My Bones

📜 Lyrics

मेरे जूतों पर धूल है और मेरे सीने में एक योजना है मैंने सीखा कैसे खड़ा होना है जब दुनिया ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया मुझे झुकाने के लिए मुझे छोटा रखने के लिए मैंने झटका सहा मैंने सब कुछ सहा अब देखो मैं कैसे उठता हूँ दोनों पैर जमीन पर मैं नहीं टूटता मैं पीछे नहीं हटता मैं कठोर दिनों में गढ़ा गया हूँ अब मैं चलता हूँ अपने ही तरीके से मैं अकेले चलता हूँ मैं अपनी जमीन पर खड़ा हूँ (अपनी जमीन पर खड़ा) मैं अपना नाम बनाता हूँ मजबूत जमीन पर (मजबूत जमीन पर) मुझ पर कोई जंजीर नहीं कोई हाथ नहीं पकड़ने को मैं यहाँ आग हूँ मेरी हड्डियों में मैं लोहा हूँ (मेरी हड्डियों में लोहा) मैंने अपने निशान पहने दूसरी खाल की तरह उन्होंने कहा "हार मान जा" मैंने कहा "देखो मैं कैसे जीतता हूँ" मैंने अपना वचन रखा अपनी गति बनाई रखी संदेह को पार किया सीधे उसके चेहरे में अब देखो मैं कैसे उठता हूँ दोनों पैर जमीन पर मैं नहीं टूटता मैं पीछे नहीं हटता मैं कठोर दिनों में गढ़ा गया हूँ अब मैं चलता हूँ अपने ही तरीके से मैं अकेले चलता हूँ मैं अपनी जमीन पर खड़ा हूँ (अपनी जमीन पर खड़ा) मैं अपना नाम बनाता हूँ मजबूत जमीन पर (मजबूत जमीन पर) मुझ पर कोई जंजीर नहीं कोई हाथ नहीं पकड़ने को मैं यहाँ आग हूँ मेरी हड्डियों में मैं लोहा हूँ (मेरी हड्डियों में लोहा) अगर मैं गिरूँ, तो उठता हूँ अगर मैं झुकूँ, तो वापस टूटता हूँ हर चोट से बना हूँ मैं दरारों में नहीं रहता मैं यहाँ खुश करने नहीं आया मैं यहाँ टिके रहने आया हूँ सिर ऊँचा, दिल कठोर मैं अपना रास्ता खोदता हूँ मैं अकेले चलता हूँ मैं अपनी जमीन पर खड़ा हूँ (अपनी जमीन पर खड़ा) मैं अपना नाम बनाता हूँ मजबूत जमीन पर मुझ पर कोई जंजीर नहीं कोई हाथ नहीं पकड़ने को मैं यहाँ आग हूँ मेरी हड्डियों में मैं लोहा हूँ (मेरी हड्डियों में लोहा)

💡 Meaning & story

मेरे जूतों पर धूल है (सफर और मेहनत की निशानी) और मेरे सीने में एक पक्का इरादा है मैंने खड़े होना सीख लिया है जब दुनिया ने अपनी पूरी कोशिश कर ली मुझे झुकाने की मुझे छोटा दिखाने (दबाने) की मैंने हर वार सहा, मैंने सब कुछ बर्दाश्त किया अब मुझे उभरते हुए देखो अपने दोनों कदम मजबूती से जमाए हुए मैं नहीं टूटता हूं, मैं पीछे नहीं हटता मुझे मुश्किल दिनों की आग में तपा कर इस्पात बनाया गया है अब मैं चलता हूं तो अपनी मर्जी के रास्ते पर मैं अकेला चलता हूं, मैं अपने मौकف पर डटा रहता हूं मैं अपना नाम बनाता हूं एक मजबूत बुनियाद पर मुझ पर कोई जंजीर नहीं, मुझे किसी का हाथ थामने की जरूरत नहीं मैं यहां एक आग की तरह हूं, मेरी हड्डियों में लोहा है मैंने अपने जख्मों के निशानात ऐसे पहने हैं जैसे वे मेरे जिस्म का हिस्सा हों उन्होंने कहा "हार मान लो," मैंने कहा "अब मुझे जीतते हुए देखो" मैंने अपनी बात की लाज रखी, अपनी रफ्तार बरकरार रखी और तमाम शकोक-शुबहात को उनके मुंह पर उड़ा दिया अगर मैं गिरता हूं, तो मैं फिर उठता हूं, अगर मैं झुकता हूं, तो फिर से सीधा खड़ा हो जाता हूं मैं जिंदगी की हर चोट और वार से तामीर हुआ हूं मैं दरारों (डर या अंधेरों) में छिप कर नहीं जीता मैं यहां किसी को खुश करने के लिए नहीं हूं, मैं यहां डटे रहने के लिए आया हूं सर बुलंद है और दिल मजबूत है, मैं अपना रास्ता खुद तराशता हूं