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Apne honton pe sajana — cover art

Song lyrics

Apne honton pe sajana

📜 Lyrics

अपने होंठों पर सजाना चाहता हूँ आ तुझे मैं गुनगुनाना चाहता हूँ कोई आँसू तेरे दामन पर गिरा कर बूंद को मोती बनाना चाहता हूँ आ तुझे मैं गुनगुनाना चाहता हूँ थक गया मैं करते करते याद तुझको अब तुझे मैं याद आना चाहता हूँ अपने होंठों पर सजाना चाहता हूँ छा रहा है सारी बस्ती में अंधेरा रोशनी को, घर जलाना चाहता हूँ आखिरी हिचकी तेरे घुटनों पर आए मौत भी मैं शायराना चाहता हूँ! आ तुझे मैं गुनगुनाना चाहता हूँ... आ तुझे मैं गुनगुनाना चाहता हूँ...

💡 Meaning & story

अपने होंठों पर सजाना चाहता हूँ - कतील शफाई 1919-2001 कतील शफाई गज़ल का सार और अर्थ इस गज़ल में प्रेम, विरह (जुदाई) और प्रियतम के साथ एक अत्यंत गहरे आध्यात्मिक संबंध की अभिव्यक्ति की गई है। पहले शेर में शायर प्रियतम को एक गीत की तरह अपनाना चाहता है, जिसे वह हर समय गुनगुना सके। दूसरे शेर में भक्ति की अभिव्यक्ति है; वह समझता है कि उसका मामूली आंसू प्रियतम की चुनर को छूकर एक कीमती मोती बन जाएगा। तीसरा शेर एक प्रेमपूर्ण शिकायत है, जहाँ शायर प्रियतम को याद करके थक गया है और अब चाहता है कि प्रियतम भी उसी तीव्रता से उसे याद करे। चौथे शेर का पृष्ठभूमि कुछ सामाजिक है, जहाँ वह चारों ओर फैली निराशा और अंधकार को खत्म करने के लिए अपना घर तक जलाने को तैयार है ताकि दूसरों को प्रकाश मिल सके। आखिरी शेर में प्रेम की चरम सीमा है, जहाँ वह एक 'कवियों की मृत्यु' की कामना करता है और चाहता है कि उसकी आखिरी साँसें प्रियतम की गोद में पूरी हों।