💡 Meaning & story
शब्द और प्रस्तुति Mohammad Farooq
शीर्षक: शाखें रहें तो फूल भी पत्ते भी आएंगे | एक आशान्वित कविता (आशा की बहार)
विवरण: जीवन में कभी-कभी ऐसे मोड़ आते हैं जहां हर तरफ अंधकार और निराशा नजर आती है। लेकिन याद रखिए, खजां का मौसम कितना ही लंबा क्यों न हो, वह स्थायी नहीं होता। अगर जड़ें मजबूत हों और शाखें सलामत रहें, तो बहार का लौट आना यकीनी है।
यह कविता उन सभी लोगों के नाम है जो मुश्किल वक्त से गुजर रहे हैं और जिन्हें एक नए हौसले की तलाश है। वायलिन की मोहक धुन और इन शब्दों के जरिए हमने यह संदेश देने की कोशिश की है कि "यह दिन अगर बुरे हैं तो अच्छे भी आएंगे"।
Lyrics & Meaning