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Dar al-Shifa — cover art

Song lyrics

Dar al-Shifa

📜 Lyrics

दार उलशिफा समझ कर दर-ए-यार पर गये ऐसी शिफा हुई कि वहीं बैठे मर गये अطराफ में तो अपने थे, दुश्मन था सामने क्यूं तीर मेरे जिस्म में तिरछे उतर गये? वह हाथ मेरे हाथ से छूटे और इसके बाद जो हाथ उस के हाथ लगे, हाथ कर गये हाँ, हाथ कर गये! वह कच्चे घर में रहती है आज भी मुतमइन शहजादे जिस की चाह में जां से गुजर गये कम ज़रफ लोग आये थे जागीर के लिए ज़िंदा पलट कर दश्त की तौहीन कर गये ज़िंदा पलट कर दश्त की तौहीन कर गये! वह हाथ मेरे हाथ से छूटे और इसके बाद जो हाथ उस के हाथ लगे, हाथ कर गये जो हाथ इस के हाथ लगे, हाथ कर गये...

💡 Meaning & story

"दोस्तो! आज की ग़ज़ल साबिर ज़फ़र के उन अशआर पर आधारित है जो इंसानी नफ़्सियात, बेवफ़ाई और अना की झलक दिखाते हैं। यह कहानी है एक ऐसे शख़्स की जो ज़ख़्मों का इलाज कराने तो निकला, मगर दर्द के इस मक़ाम पर पहुँच गया जहाँ मौत ही शिफ़ा बन गई। इस कलाम में जहाँ अपनों की मुनाफ़िक़त का ज़िक्र है, वहीं इस कच्चे घर की अज़मत का भी तज़किरा है जिसकी ख़ातिर शहज़ादों ने अपनी जानें वार दीं। और इसका सबसे ताक़तवर पहलू वह 'धोखा' है जो इंसान को तब मिलता है जब वह अपना हाथ किसी और के हाथ में सौंप देता है।" 1. दरِ यार पर फ़ना: शायर कहता है कि मैं महबूब की चौखट पर सुकून ढूंढने गया था, लेकिन वहाँ की मुहब्बत या बेरुख़ी ने मुझे जीते जी मार दिया। यानी इश्क़ ही बीमारी थी और इश्क़ ही आख़िरी फ़ैसला साबित हुआ। 2. अपनों के ज़ख़्म: जब सामने दुश्मन हो तो इंसान तैयार होता है, लेकिन जब तीर 'तिरछे' आकर लगें, तो समझ लीजिए कि वह दुश्मन ने नहीं बल्कि बराबर में खड़े 'अपनों' ने मारे हैं। यह अपनों की ग़द्दारी का नौहा है। 3. कच्चे घर की सच्चाई: यह शेर मादी चीज़ों (Materialism) के मुँह पर तमाचा है। एक तरफ़ कच्चे घर की वह औरत है जो अपनी सादगी में मुतमईन है, और दूसरी तरफ़ वह शहज़ादे हैं जो इसे हासिल करने की चाह में अपनी ज़िंदगी बर्बाद कर बैठे। 4. दश्त की तौहीन: यहाँ ग़ैरत और ज़र्फ़ की बात हुई है। जो लोग सिर्फ़ लालच (जागीर) के लिए इश्क़ के रास्ते पर निकलते हैं, वह खाली हाथ लौटकर इस पाकीज़ा रास्ते और 'दश्त' (इश्क़ की वादी) की तौहीन करते हैं। 5. हाथ कर गए: यह ग़ज़ल का सबसे मशहूर हिस्सा है। "हाथ कर जाना" एक मुहावरा है जिसका मतलब है धोखा देना। जब मेरा हाथ इसके हाथ से छूटा, तो इसके बाद इसे जो भी सहारा मिला, इसने इसके साथ हाथ (धोखा) कर दिया। यह मुकाफ़ातेِ अमल की एक ख़ूबसूरत तस्वीर है।