Farooq Music Lyrics & Meaning
← All songs
Enjaam — cover art

Song lyrics

Enjaam

📜 Lyrics

यह अंजाम है सांस रोक कर, दस तक गिनो ज़मीन को हिलता महसूस करो और फिर सुनो, मेरे दिल का धड़कना क्योंकि यह अंजाम है मैंने डूब कर देखा है यह लमहा बरसों की प्यास, अब मिटाने दो बह गया हूँ मैं, जैसे कोई ख़्वाब हो बस अब मुझे, ख़ुद में खो जाने दो चाहे आसमान गिर जाए जब यह रीजा रीजा हो जाए हम सर उठा कर खड़े रहेंगे मिल कर हर तूफ़ान सहेंगे उसी मक़ाम पर, जहाँ आसमान गिरे यहीं से इक आग़ाज़ होगा हज़ारों मील की दूरी है, अँधेरी रात है जहाँ जहान टकराते हैं, वहाँ हमारी बात है तुम मेरा नाम ले लो, मेरी पहचान ले लो मगर मेरे दिल पर, तुम्हारा कोई हक़ नहीं चाहे आसमान गिर जाए जब यह रीजा रीजा हो जाए हम सर उठा कर खड़े रहेंगे मिल कर हर तूफ़ान सहेंगे उसी मक़ाम पर, जहाँ आसमान गिरे जहाँ तुम हो, वहीं मैं हूँ जो तुम देखो, वही मैं देखूँ तुम्हारी बाहों की पनाह के बिना मैं कुछ भी नहीं, मैं कुछ भी नहीं अपना हाथ मेरे हाथ में दे दो और देखो, हम डट कर खड़े हैं इसी मक़ाम पर आसमान गिरे...

💡 Meaning & story

आसमाँ गिर जाये (Skyfall उर्दू संस्करण) की व्याख्या यह नज़्म महज़ एक अनुवाद नहीं है, बल्कि यह वफ़ादारी, हिम्मत और ثابत क़दमी की एक कहानी है। इसकी व्याख्या के अहम नुक़ते दर्ज़ ذیل हैं: 1. फना और अंजाम का तसव्वुर (The Theme of End): नज़्म का आग़ाज़ "यह अंजाम है" से होता है। यहाँ "अंजाम" का मतलब सिर्फ़ ख़ातिमा नहीं, बल्कि एक ऐसी घड़ी है जहाँ इंसान सब कुछ हारने के क़रीब होता है। लेकिन शायर कहता है कि जब दुनिया ख़त्म हो रही हो, तब भी घबराना नहीं है, बल्कि साँस रोक कर इस लम्हे का सामना करना है। 2. बाहमी इत्तिहाद और क़ुवत (Strength in Unity): इस कलाम का मर्कज़ी पैग़ाम यह मिसरा है: "हम सर उठा कर खड़े रहेंगे, मिल कर हर तूफ़ान सहेंगे"। यह ज़ाहिर करता है कि जब दो लोग या दो रूहें एक साथ हों, तो आसमाँ का गिरना (यानी बड़ी से बड़ी मुसीबत आना) भी उन्हें झुका नहीं सकता। यह "कोलप्स" (collapse) के मुक़ाबिल "सबात" (standing tall) की अलामत है। 3. दुनिया बमुक़ाबला दिल (World vs Heart): एक जगह ज़िक्र है: "तुम मेरा नाम ले लो, मेरी पहचान ले लो, मगर मेरे दिल पर तुम्हारा कोई हक़ नहीं"। इस का मतलब यह है कि दुनिया आप से आप की माद्दी चीज़ें, आप का नाम और रुतबा तो छीन सकती है, लेकिन आप के ज़मीर और आप की मुहब्बत के मर्कज़ (दिल) पर इस का कोई इख़्तियार नहीं है। 4. पनाहगाह (The Sanctuary): आख़िर में "तुम्हारी बाहों की पनाह" का ज़िक्र इस सुकून की अक़ासी करता है जो एक इंसान को अपने अज़ीज़ रिश्ते या अपने मक़सद से मिलता है। यह वह सिक्योरिटी है जो उसे दुनिया के तमाम ख़तरात से महफ़ूज़ रखती है। साख़नों के लिये एक मुख़्तसर पैग़ाम "नाज़रीन, आज जो कलाम में आप की निज़्र कर रहा हूँ, यह ज़िंदगी के इन कठिन लम्हात की अक़ासी करता है जब इंसान को लगता है कि सब कुछ ख़त्म होने वाला है। 'आसमाँ गर जाये' एक ऐसा गीत है जो हमें सिखाता है कि अगर इरादे मज़बूत हों और अपनों का साथ हो, तो गिरता हुआ आसमाँ भी आप का कुछ नहीं बिगाड़ सकता। यह वफ़ादारी और हिम्मत की एक लाज़वाल दास्ताँ है जिसे हम ने उर्दू के क़ालब में ढाला है।"