💡 Meaning & story
संगीत और बोल - मुहम्मद फारूक
लुईस आर्मस्ट्रांग का यह शाहकार गीत "क्या कमाल की दुनिया है" (What a Wonderful World) दरअसल जिंदगी की छोटी छोटी खूबसूरतियों और इंसानियत की उम्मीद का एक खूबसूरत स्वीकार है।
इसका खुलासा सामعियों के लिए कुछ इस तरह बयान किया जा सकता है:
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खुलासा: "क्या कमाल की दुनिया है"
इस गीत का मर्कजी पैगाम "शुक्रगुजारी" और "सकारात्मक सोच" है। शायर अपने इर्दगिर्द की फितरत और इंसानी रिश्तों को देखकर दंग रह जाता है।
• फितरत की खूबसूरती: वह हरे दरख्तों, सुर्ख गुलाबों, नीले आसमान और सफेद बादलों का जिक्र करके यह बताता है कि कायनात का हर रंग हमें सुकून देने के लिए बनाया गया है। दिन की रोशनी और रात का अंधेरा, दोनों ही कुदरत के अनमोल तोहफे हैं।
• इंसानी मुहब्बत: गीत का एक अहम हिस्सा वह है जहां कौस-ए-कज़ाह (इंद्रधनुष) के रंगों को लोगों के चेहरों की मुस्कुराहट से तशबीह दी गई है। जब दोस्त एक दूसरे से हाथ मिलाते हैं और हाल पूछते हैं, तो दरअसल वह एक दूसरे से अपनी मुहब्बत का इजहार कर रहे होते हैं।
• मुस्तकबिल की उम्मीद: शायर जब छोटे बच्चों को देखता है, तो उसे एहसास होता है कि आने वाली नस्लें हम से भी ज्यादा इल्म हासिल करेंगी और इस दुनिया को मजीद बेहतर बनाएंगी।
नतीजा: यह गीत हमें सिखाता है कि अगरचे दुनिया में बहुत से मसायल हो सकते हैं, लेकिन अगर हम अपनी नजरें कुदरत के मनाजिर, मासूम बच्चों और लोगों की बाहमी मुहब्बत पर मरकूज रखें, तो हमें एहसास होगा कि यह दुनिया वाकई बहुत हसीन और कमाल की जगह है।
Lyrics & Meaning